एक सुंदर संसार

एक सुंदर संसार, जहाँ हम जी सके सकुन से,
मौत आ भी गयी तो क्या ग़म, मर सके चैन से,
एक संसार ऐसा हो, जहाँ प्यार बसे सबके दिल में,
नफ़रत की कोई जगह ना रहे, मुस्कान रहे चेहरे पे,

सुंदर दिखे सब फूल, हो अपने बगीचे की बन शान,
अगर तोड़ कोई चाहे, बनाने की अपने घर की शान,
मुरझा कर वो खो बैठें, फूल अपनी सुंदरता भरी शान,
कुछ पल की खुशी लिए मन, ना तोड़ो सुंदरता की जान,

देखो फूल की खुशी तभी, कब जुरी हो अपने डाली,
वनमाली से करे गुहार, बचा मुझे ख़ुदगर्ज़ इंसान से,
फूल की सुंदरता का ख्याल, ना बसे इनके दिल मैं,
अपने ज़िद्द के सामने, भूल गए वो फूल की ख़ुशी,

सुन ऐ ख़ुदगर्ज़ इंसान, प्रकृति से ना कर छेड़ छार,
ना मिलेगी तुझे ख़ुशी, मत भूल कर तू ऐसा कभी,
सुंदरता अगर चाहिए तुझे, आदर कर पूल की ख़ुशी,
बसा उसको अपने घर संग डाली, दे उसको अपनी ख़ुशी.

कुणाल कुमार 

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