इडली या डोसा

चेहरे पे हँसी और पेट की ख़ुशी,
यही तो हैं ज़िंदगी जी लो मज़े में..

मधुर लघु काव्य संग्रह

संध्याकीवेला, मुझेभूकलगीज़बरदस्त,
समझनहींआता, खाऊइडलीयाडोसा,

गोलगोलइडली, देखमनललचाया,
साथमेंसाम्भरऔरचटनीभीलेआया,

इधरदेखूँ , डोसामायूसनज़रआया,
उसेजोलगा, उसेकोईभीनहींखाया,

मायूसडोसाकादर्दसहनापाया,
बड़ेचावसेउसेमाँगकरमैंखाया,

पेटमैंहुईगुडगुड, हज़मनाकरपाया,
मैंयेसोचूँ, दोनोसाथमैंक्योंखाया.

इडलीयाडोसानेमिलमज़ाचखाया,
पेटूबनामैं, बड़ापछताया.. बड़ापछताया.

कुणालकुमार

View original post

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s