क्षमा

अपनी अहसास तुझे बताना, है क्या कोई गुनाह,क्यों मैं क्षमा मांगु, जब किया नहीं है कोई  गुनाह, तुमने कभी क्यों ना सोचा, मेरे दिल का हाल,बेचैन सा जी रहा, दिल में बसा है सिर्फ़ तेरा ख़्याल, क्षमा माँगता हूँ मैं, अगर दर्द दिया तुझे कभी,खुद  को भूल, अब जी रहा सिर्फ़ होने को क़रीब, परContinue reading “क्षमा”

मस्ती

क्या जीवन की मस्ती, है इतनी सस्ती,हवा के इक झोके, इसे तोड़ कर जाए, मायूस सा मैं, देख अकेला खड़ा हूँ यहाँ,मस्ती तो दूर, मेरी ख़ुशी भी साथ ना निभाए, जितनी तेरी दूरी, तेरा एहसास दे मेरा साथ,देखो मेरी मस्ती, मजबूर है तनहा जीने को, क्या ख़ुशी क्या ग़म, देख अब ना रूकेंगे हम, खामोशी भरे Continue reading “मस्ती”

नाराज़ दिल

नाराज़ दिल ढूँढे तुम्हें, सजा ख़्वाबों की जहां, कहने को बातें बहुत, दिल तोड़ने की दूँ सजा, गलती सारी थी मेरी, जो मैंने खुद पे किया भरोसा, भरोसा तोड़ कर, मुझे छोड़ जाने की है तेरी ये अदा, ख़ुदगर्ज़ सा होकर, खुद को क्यों अलग किया मुझसे,क्या कभी सोचा, कितना दर्द मिला मुझे तेरे दूर  जाने से,Continue reading “नाराज़ दिल”

मुलाक़ात

मेरी मुलाक़ात मेरे जीवन से,  इक एहसास लिए,कली खिल फूल बन, मुरझा रही मेरी हर  चाहत, शीश नमा कर ज़ोर, करूँ  प्राथना तुझसे,धन्य रहु तेरा सदा, जो ये दर्द दिया मुझमें, क्या  ख़ूब हो, क्या बढ़िया है तेरा तरीक़ा,अब याद करूँ सदा, जब दर्द हो मेरा गहरा, तेरे दर पर भगवान, सब खोजे अपनी ख़ुशी,मैंContinue reading “मुलाक़ात”

सुंदर

क्या सुंदर मैं हूँ, या सोच है मेरी सुंदर,सह लू हर दर्द, उफ़्फ़ ना आए लब पर,क्या बोलना मर्ज़ है, या सहना मेरा दर्द है,या दर्द का अहसास, है मेरे जीने की दवा, हर दर्द सह, रहु अपने पथ पे मैं सदा अग्रसर,  बाँटते रहु ख़ुशियाँ, रख ग़म सारे अपना बना,मेरे दर्द की परछाई, नाContinue reading “सुंदर”

चाहत

दिल में मिलन का ख़्वाब सजा, देखो मेरी चाहत रो रही है,जला अब जीवन मेरा, देखो चिता मेरी सुलगती चाहत का, क्या ख़ूब जीवन है, मृगतृष्णा है जीवन की सारी ख्वाहिशें,मृगमिर्चिका सा दिखता, चाहत मेरे इस वीरान जीवन में, मुझे ख़ुशी मिले हर दर्द में, संभल सा गया ठोकरें खा कर,मुझे ख़ुदगर्ज़ बनने की सिख,Continue reading “चाहत”

खिलौना

यू खिलौना क्यों समझ, मुझे तोड़ गयी,अपनी छाप दिल में लिख, मुझे छोड़ गयी. इक नन्हा सा बच्चा, है ये दिल मेरा,टूटा खिलौना देख, मेरा दिल रोने लगा, समझ छोटे बच्चे का, थामे चाहत की डोर,कट गयी प्यार की पतंग, बैठा दिल बच्चे का, काग़ज़ की कश्ती बना, चला नई सफ़र पे,अनजाना सा डर लिए,Continue reading “खिलौना”

सफ़र

इक अनजाना सफ़र सा, है जीवन मेरा वीरान,सन्नाटे को चीरता, लक्ष्य की ओर बढ़ चला, सफ़र पे निकला हूँ, खोजूँ इक हमसफ़र,साथ निभाने की, हो जिसमें  थोड़ी ललक, चोर बन चुरा लू , मैं अपने सफ़र की हर लम्हे,बाँट सकूँ मेरी ख़ुशी, बन तेरे सफ़र का हमसफ़र, चाहत की कस्ती पे सवार, प्यार की दरियाContinue reading “सफ़र”

खामोशी

क्यों ख़ामोश हूँ, याद लिए दिल में,मेरे प्यार भरे शब्द, किसने चुरा लिए, मेरी तन्हाई भी ख़ामोश है, तेरी याद में,ढूँढ रहा मंजिल, ख़ामोश किए खुद को, कुछ शिकायत दिल में छुपा, ख़ामोश जी रहा,मेरे संग ये शिकायत भी, अपने शब्द खोज रहे, क्या रखा है जीवन में, अंधकार के सिवा,खामोशी का साथ, तेरे साथContinue reading “खामोशी”

लम्हा

कितने दूर कितने पास, अजीब थी वो हमारी मुलाक़ात,चुरा कर चली गयी, वो प्यार भरी लम्हे जो बीते थे साथ, बची सिर्फ़ यादें, उन लम्हों में की गयी प्यार भरी बातें,वो तेरा मुस्कुराना, जो सीधा दिल  में यूँ उतर आना, क्या झूठा था तेरा अफ़साना,  तेरी वो आलिंगन प्यार भरी,तेरे होंठों  की वो शरारत,  थाContinue reading “लम्हा”

खोज

एक खोजी बन निकल चला, खोजूँ वो बीते पल,नयी ऊँचाई छूने की, मेरी जीवन की हो अभिलाषा, खोज एक हमसफ़र की, जिसकी सच्चाई लगे अपना सा,वो अपना बना मुझे, दे मुझे मेरे  जीवन की सारी ख़ुशी, मेरी खोज मेरे प्यार की, तेरी नफ़रत के द्वार से,मेरी खोज अब तेरी ख़ुशी, मेरे दिल है तेरे हवाले,Continue reading “खोज”

आस्था

आस्था रखूँ ख़ुदा पे, या खुद पे करूँ यक़ीन,ख़ुदा ने ना दी आशीष कभी, ना दी कभी ख़ुशी, क्यों याद रखूँ मैं, जो कभी शीश नमाए तेरे दर पे,दिल लिए ख़ुशी की चाहत, इक भूल किया था कभी, तेरी अनुग्रह है तेरे जैसी, जो सिर्फ़ हो अपनों की,मेरी गलती छोटी सीं, जो रखी आस्था मैंनेContinue reading “आस्था”