उल्टा बंदर

देखो देखो बंदर आया, गुलाटिया मारे मन को भाया,नन्हे बच्चे खुश देख उन्हें, संग संग खूब  धूम मचाया, राजनीति का है ये बंदर, दिखे बड़ा ही मस्त कलंदर,कभी कूदे इस पार्टी, और कभी कूदे सत्ता के संग , मज़े से देखो उनकी शान, राजनीति के खिलाड़ी महान,ऊधम कूद मचा ये बंदर, अपनी कुर्सी का  जगहContinue reading “उल्टा बंदर”

राजनीति

राजनीति के ये लड्डू, मोतीचूर समान,चिपके साथ पार्टी बने, करने को राज, सत्ता जो बने चासनी, रखे नेता साथ, बने लड्डू सत्ता का, नेता खाए साथ, कुर्सी लालच देख, नेता भागे साथ,टूटी लड्डू अनेक, हुए सब नेता एक, टूटी लड्डू देख, छोटी पार्टी सब रोए पल पल,बड़ी लड्डू एक संग, जनता सेवा करे हर पल, कुणालContinue reading “राजनीति”

साथ

वो साथ मेरे बैठे, ज़रा सा मुश्कुराय,उसकी ये अदा, मुझे जो बड़ा भाए, हर ग़म भूल, उनकी हँसी में खोने का मज़ा,स्वर्ग की कोई अप्सरा वो मुझे नज़र आए, मेरे ये दो नयन, उनकी मासूमियत पे अटके,उनके अप्रतिम सौंदर्य के सागर में गोते खाए, थम सा गया समय, जो उनकी मासूमियत निहारे,मिले जिनको उनका साथ,Continue reading “साथ”

इडली या डोसा

संध्या की वेला, मुझे भूक लगी ज़बरदस्त,समझ नहीं आता, खाऊ इडली या डोसा, गोल गोल इडली, देख मन ललचाया,साथ में साम्भर और चटनी भी ले आया, इधर देखूँ , डोसा मायूस नज़र आया,उसे जो लगा, उसे कोई भी नहीं खाया, मायूस डोसा का दर्द सह ना पाया,बड़े चाव से उसे माँग कर मैं खाया, पेटContinue reading “इडली या डोसा”

नेता

आज के ये नेता, खुद को  समझते है  अभिनेता,बुनियादो मुद्दे से दूर, राज करे वो हो अलबेला, जनता को भटका मत, इन्हें पता है सब कुछ,एक दिन ऐसा आएगा, तेरा राज पाठ होगा लूट, जनता अभी ठंडा, है अपने क़िस्मत पर शर्मिन्दा,ढूँडे अपनी क़िस्मत, रहने को वो मजबूर ज़िंदा, बुनियादी सुविधा नहीं, भूक मिटाने रोटीContinue reading “नेता”

बाइस्कोप

बाइस्कोप वाला आया, बाइस्कोप वाला आया,गला फाड़ चिल्लाया, बाइस्कोप वाला आया,ये बोल सुन, नन्हे मुन्ने बच्चों का मन ललचाया,खेल कूद सब छोड़, दौर पड़े बाइस्कोप देखने, बाइस्कोप की सुनहरी दुनिया, कहानी है अनेक.पच्चीस पैसे का एक चक्र, देखे जो बच्चे मिलकर चार,कभी कहानी उन वीरों की, कभी देश के क़िले महान,कभी देखे मुंबई की शान,Continue reading “बाइस्कोप”

सवेरा

ज़िंदगी के इस शाम में, मैं ढूंडू एक नयी सवेरा,इस चाह में जी रहा, कोई बन जाए अपना मेरा, सवार दे ये तनहा जीवन, अपना बन पास आ,अपने दिल में छिपा मुझे, जीवन की राह दिखा, आएगी अब एक नयी सवेरा, हो उसका और मेरा,संग साथ चलेंगे जीवन पथ पे, बनके सिर्फ़ तेरा, तेरी हरContinue reading “सवेरा”

सुंदरता क्या है?

दिल की खुशी  जब रिस्तो में  उतर  आये,हंशी  खुशी,  जो  जीवन में  बस जाए,हर पल हवा में उड़ता रहु, सपनो की सागर  में  गोते खाऊ,ढून्ढ  लाऊ  ख्वाब का वो पाल,ये पल, जो निश्चल, है सुंदर. कुणाल कुमार

समझ नहीं आता , हंसु या रो लूँ

समझ नहीं आता , हंसु या रो लूँख़ुशी इतनी दूर, उदासी क्यों गहराईकुछ बोलने का समय, दिया किसीने कबजिसका भी साथ चाहा, सब यूँ दूर चले गए नशीब मेरा खाता, यूँ लगता है अबउदासी जो गहराई चादर में लिपटा हुआ साकिस से थोड़ी बातें, थोड़ी हंसी बाँट लूअब हर किसी में तन्हाइ नजर आता हैContinue reading “समझ नहीं आता , हंसु या रो लूँ”

जिंदिगी

जिंदिगी मे सदा मुस्कुराते रहो,हर दर्द तो अपनी हँसी मे छुपाते रहो,दिल का दर्द चेहरे पे  न आ सके,जिंदिगी को खुशनुमा बनाते रहो. मेरे प्यार को इतना कमजोर न समझ,की तेरे दूर जाने से टूट जाये,दिल में बसाया है, दिमाग मैं नहीं,की तेरे दूर जाने से भूल जाऊ. ज़िंदगी दूर ही सही, तेरी अहसास जोContinue reading “जिंदिगी”