खोज

एक खोजी बन निकल चला, खोजूँ वो बीते पल,नयी ऊँचाई छूने की, मेरी जीवन की हो अभिलाषा, खोज एक हमसफ़र की, जिसकी सच्चाई लगे अपना सा,वो अपना बना मुझे, दे मुझे मेरे  जीवन की सारी ख़ुशी, मेरी खोज मेरे प्यार की, तेरी नफ़रत के द्वार से,मेरी खोज अब तेरी ख़ुशी, मेरे दिल है तेरे हवाले,Continue reading “खोज”

आस्था

आस्था रखूँ ख़ुदा पे, या खुद पे करूँ यक़ीन,ख़ुदा ने ना दी आशीष कभी, ना दी कभी ख़ुशी, क्यों याद रखूँ मैं, जो कभी शीश नमाए तेरे दर पे,दिल लिए ख़ुशी की चाहत, इक भूल किया था कभी, तेरी अनुग्रह है तेरे जैसी, जो सिर्फ़ हो अपनों की,मेरी गलती छोटी सीं, जो रखी आस्था मैंनेContinue reading “आस्था”

तू कौन है

तू कौन है, जिसपर तड़पता है ये दिल मेरा,मिलन की आस लिए, जी रहा मजबूर सा, तू कौन है, किसने दिया है ये इजाज़त तुझे, मेरे दिल को खिलौना बना, तोड़ कर चली गयी, तू कौन है, तुमने इतना क्यों है रुलाया मुझे,अश्रु मेरा खून बन, अब जम गए तेरे याद में, तू कौन है,  क्योंContinue reading “तू कौन है”

उधार की गोद

कभी सोचूँ खुद पे, या कोसूँ जो अपनी नसीब को,प्यार की कसक दिल लिए , खोजूँ उधार की गोद, क्या चाह नहीं है मुझमें, या चाहने की इजाज़त नहीं है मुझे,क्या जीवन है मेरा, जैसे तड़पता प्यार को प्यासा रेगिस्तान,  क्या मेरी चाहत है,कोई काग़ज़ की कस्ती के समान,जो डूब जाए जब हो मर्ज़ी, याContinue reading “उधार की गोद”

गिटार

गिटार की कितनी तार, हर तार से निकले मधुर आवाज़,संग मिल बजे जब ये, बने जीवन की इक मधुर संगीत, जीवन भी गिटार समान, हर तार इक लम्हा समान,मिल बने इक सुंदर यादें, बने जीवन की मधुर संगीत, हर तार मिल बने करे कमाल, एकता की बन ये मिसाल,अलग अलग से अच्छा, सुंदर लगे जबContinue reading “गिटार”

पहले कौन

भिड़ भरी छोटी सी, मेरी दुनिया है अनमोल, कुछ अपने कुछ पराए, सुनहरे सपने सजाए, कुछ खट्टी कुछ मीठी सी, यादें बसे मेरे नयन, इस सपने में हूँ मैं मौन, सबसे पहले है कौन, मुझसे चुरा मुझको, देखो ये चली है कौन, एक मीठी सी एहसास, या मेरी ख़ुशी है मौन, ओ मेरे जीवन केContinue reading “पहले कौन”

प्रेरणा

बन मेरी कविता की प्रेरणा, संग हो तुम मेरे हर पल,भर आनंद मेरे जीवन में, जीवन में मेरे भरे ख़ुशी के रंग, प्रेरणा बन राह दिखा, दिल मैं बस मुझे मुझसे मिला,हर लक्ष्य को पा लू मैं, जब मेरी संगनी बन तू रहे मेरे, मेरे जीवन की बस अब यही चाह, राह दिखा तू मुझे, सच्चाईContinue reading “प्रेरणा”

पहली मुलाक़ात,

मिला जो तुमसे मैं, मिली मुझे अब जीने की चाह,मेरी ख़ुशी से मुझे, थी ये मेरी पहली मुलाक़ात,  चाँदनी रात की शीतलता, आप हंसे तो बिखर जाए,आपका ये मासूम सा चेहरा, जैसे कोमल किसलय, आप से पहली मुलाक़ात, मेरे जीवन में भर उल्लास,अपनी हर दर्द भूल दिल से, दिल मैं बसी हो बस आप, क्याContinue reading “पहली मुलाक़ात,”

अजब

ज़िंदगी गुनगुना रही, इक नयी धुन सुना रही,जीने की राह बता, मुझे मंजिल दिखा रही, मेरे ख़्वाबों की ये दुनिया, बन ख़्वाब ही रह जाते, अगर कोशिश ना की, ख़्वाब हक़ीक़त ना बन पाते, क्या रखा है जीवन में, अगर ख़्वाब अधूरे रहे अधूरे,जीवन एक मिली है सबको, जी लो अपनी ज़िंदगी, कर अपना ख़्वाब कोContinue reading “अजब”

इतिहास

मैंने पढ़ी  देश कि इतिहास, सत्ता के साथ है बदलते भाव,सत्ता के गलियारे में लोग, है वो थामे इतिहास के डोर, अपनी मर्ज़ी की इतिहास दिखा, सबको वो पप्पू बनाए,कभी सच्चाई को चुना लगाई, कभी झूट को आगे बढ़ाई, कभी सावरकर वीर हुए, कभी सावरकर को बनाए अनिष्ट,कभी करे  अकबर की गान, कभी घटाए  शिवाजीContinue reading “इतिहास”

शिकायत

क्या शिकायत करूँ खुद से, खुद ही छीन  ली अपनी ख़ुशी,वो सारे लम्हे भूल, खुद से की खुद को भूलने की शिकायत, तुझसे क्या करूँ तेरी शिकायत, ना समझा पाया तुझे कभी,शिकायत मेरी है ये तुझसे, क्यों मेरी सोच को किया कुंठित, उन लम्हों से भी थोड़ा शिकायत, क्यों छोड़ मुझे गयी,क्या कमी थी मुझमें,Continue reading “शिकायत”

औरत होती गाय समान

औरत होती गाय समान, दिखने मैं सदा परेशान,वो खुद की मर्ज़ी भूल, सदा बंधी रही खूँटे के संग, भूल पक्षी सी उड़ान, होकर वो अपनों से परेशान,बंधी हुई खूँटे पे तंग, सोचकर है वो अपनों के संग, अपने भी है कमाल, देखो उनका स्वार्थ जो महान,खुद ना कि कभी समझौता, अपने विपणन के मार्ग, औरतContinue reading “औरत होती गाय समान”