तमस

जीवन की राह तमस भरी, जैसे सूरज को लगा ग्रहण, उज्ज्वल भविष्य डूब सा गया, अंधकार में ढल सा गया, मेरी ख़ुशियों का उदय,कब होगी तेरे तेज की लालिमा लिए,तेरे पास होने का एहसास लिए, भविष्य कब निखरेगा मेरा, जीवन का अहसास, ग़म में जी रहा लिए ख़ुशी की आस,आ जाओ ना तुम, बनकर मेरे जीवनContinue reading “तमस”

आईने की तस्वीर

सुबह सुबह खुद से पूछा, बता तेरी क्या है  मर्ज़ी,देखा आईने में खुद को, दिखा सिर्फ़ तेरी तस्वीर, साफ़ किया आईने को, सोचा हैं नज़रों की दोष,फिर भी  देखो दिखा मुझे, सिर्फ़ तेरी ही  तस्वीर, झटपट डॉक्टर से मिल आया, आँखों  का चश्मा बनवाया,चश्मा पहन आईना देखा फिरसे, सिर्फ़ दिखी तेरी ही तस्वीर, कैसा येContinue reading “आईने की तस्वीर”

कोरा काग़ज़

कोरा काग़ज़ सा हैं, मेरी ज़िंदगी के हर लम्हे,तन्हाई की दर्द समेटे, क्या लिखू इस दिल पे, ख़ुशी के वो लम्हे, सोचा था लिखू इस दिल पे,ग़म के निहरनी ने, वो ख़ुशी मिटा दिया दिल से, क्या यादों की ख़ुशियाँ,  लिख सकता अपने दिल पे,पर मेरे वादे ने कहा मुझसे, ना याद कर सकता मैंContinue reading “कोरा काग़ज़”

मध्यांतर या मध्य जीवन का अंतर

मध्यांतर हो या मध्य जीवन का कोई अंतर,जीवन बढ़े निरंतर, ख़ुशियाँ समेटे अपने अंदर,अपने अगले पथ पे अग्रसर, जी रही ज़िंदगी,ख़ुशी भरे हर लम्हे, या तन्हाई भरे अधूरे सपने, बचपन निश्चल, मन चंचल, उमंग भरे हर पल, समय बीते खेल कूद में, बीते समय हर मज़े में,ना कोई चिंता, ना कोई ग़म, याद रहे येContinue reading “मध्यांतर या मध्य जीवन का अंतर”

टूटी सड़के, तंग गालियाँ

टूटी सड़के तंग गालियाँ,  लिए जीवन की बेबस घड़ियाँ,मैं निराला इस सड़क पे, पिए जीवन को भर प्याला में, अपनों को दिल में बिठाया, दिया  प्यार भरा संग,जीवन दिया प्यार दी, दिया इज़्ज़त भरी संसार, अपनी ख़ुशी त्याग, संग उसके दिल को लगाया,अपना संसार समझ, उसके घर को अपना बनाया, छोड़ आयी अपने माँ काContinue reading “टूटी सड़के, तंग गालियाँ”

तू भी और निकली

मिला तुझसे अच्छा लगा, हुआ जो तुमसे प्यार,सबसे अलग लगा मुझे, लगा एक कली खिली, दिल के बगीचे में, तेरे नाम का एक कली खिली,बनके फूल सुगंध भरी, महके मेरा मन जो तेरे संग, खोजे नयन तेरी ख़ुशी, जो मेरे मन के द्वारे,जीने के इस डगर पे, संग जीने को तुम्हारे, कठोर किए मन, संझाContinue reading “तू भी और निकली”

बाइस्कोप

बाइस्कोप वाला आया, बाइस्कोप वाला आया,गला फाड़ चिल्लाया, बाइस्कोप वाला आया,ये बोल सुन, नन्हे मुन्ने बच्चों का मन ललचाया,खेल कूद सब छोड़, दौर पड़े बाइस्कोप देखने, बाइस्कोप की सुनहरी दुनिया, कहानी है अनेक.पच्चीस पैसे का एक चक्र, देखे जो बच्चे मिलकर चार,कभी कहानी उन वीरों की, कभी देश के क़िले महान,कभी देखे मुंबई की शान,Continue reading “बाइस्कोप”

सुंदरता क्या है?

दिल की खुशी  जब रिस्तो में  उतर  आये,हंशी  खुशी,  जो  जीवन में  बस जाए,हर पल हवा में उड़ता रहु, सपनो की सागर  में  गोते खाऊ,ढून्ढ  लाऊ  ख्वाब का वो पाल,ये पल, जो निश्चल, है सुंदर. के.के.

चाहत

जीने की चाहत लिए, तेरी मिलन कि आस लिए,जी रहा हूँ मैं हर पल, बस तेरी इंतज़ार में,ज़िंदगी कुछ रंग दिखा, मुझे उसके संग मिला,मेरी चाहत की मंजिल, बस मुझे अब उससे मिला, कही मिलन में देर ना हो, अरमान सारे ढेर ना हो,जीने की चाह मेरी,  अनजाने में ये अधेड़  ना हो,बिखर सा रहContinue reading “चाहत”

अकेला

अपने पथ पे अग्रसर, जीवन जी रहा अकेला,ख़ुशियाँ जो बाँट सभी से,  ये ग़म सभी है मेरा,तुम्हारी याद संग, जीवन  का ग़म संजोए,जीने को मजबूर, दिल ये मेरा रोए. फिर भी ये दिल मेरा, चाहे हर पल तुझे,तेरी याद में, दिल अंधकार में उलझ,उदासी के बादल जो उमरे, घनघोर घटा सा,अश्रु बन वर्षा, इन नयनोंContinue reading “अकेला”

यादें

मूर्ख बन जी रहा था, तेरी याद में सोचा कभी तो क़िस्मत, देगी साथ मेरे ।पर किधर मालूम, ऊँची कितनी दिवार दिवार तेरे अहम का, पार ना कर पाया मैं।। एक दिन ऐसा आएगा, जब  ढूँढोगे मुझे लोक लज्जा अहम त्याग, प्यार करोगी मुझे ।साथ सदा पाओगी, बस मुड़ कर देख मुझेखड़ा अकेला उत्शुक, तेरी याद मन लिए।।Continue reading “यादें”

जीवन का उद्देश्य

रात्रि का ये अंधेरा, काली स्याह समान,मेरे मौन जीवन ,  खोजे सूर्य यामनी प्रहर, मेरे साँस की ये गंगा, बहे अनवरत हर पल,डूबे हुए मेरे जीवन, जो खोजे नई सवेरा. बढ़ता रहा जो पथ पे, सच के दीप संग,संघर्ष भरा जीवन, लिए अभिलाषा जीने की,लोक लाज का झूठआडम्बर, सबछोड़पीछे, जीवनपथपेअग्रसर,  लिएख़ुशियाँ  मेरेसंग. कही दूर से दिखे मुझे,Continue reading “जीवन का उद्देश्य”