यादें

मूर्ख बन जी रहा था, तेरी याद में सोचा कभी तो क़िस्मत, देगी साथ मेरे ।पर किधर मालूम, ऊँची कितनी दिवार दिवार तेरे अहम का, पार ना कर पाया मैं।। एक दिन ऐसा आएगा, जब  ढूँढोगे मुझे लोक लज्जा अहम त्याग, प्यार करोगी मुझे ।साथ सदा पाओगी, बस मुड़ कर देख मुझेखड़ा अकेला उत्शुक, तेरी याद मन लिए।।कुणालContinue reading “यादें”

हँसी

मेरी ये हँसी,  अप्रतिम,  अनोखा, अलबेला,साथ निभाए जीवन संग, हो अपनी ही बेला, रहे संग जो मेरे, कभी ना छोड़े मुझे अकेला ,हँसी से मेरी दोस्ती, प्रगाढ़ मधुर अमी अनूठा. अन्दाज़ मेरा निराला, हँसता  रहा जी भर ,सभी को दिया , ये ख़ुशियाँ  से भरी पल, दुख दर्द सब भूल, हँसने की संज्ञा लागी, दूर मेरे से हँसी,Continue reading “हँसी”

जीवन का उद्देश्य

रात्रि का ये अंधेरा, काली स्याह समान,मेरे मौन जीवन ,  खोजे सूर्य यामनी प्रहर, मेरे साँस की ये गंगा, बहे अनवरत हर पल,डूबे हुए मेरे जीवन, जो खोजे नई सवेरा. बढ़ता रहा जो पथ पे, सच के दीप संग,संघर्ष भरा जीवन, लिए अभिलाषा जीने की,लोक लाज का झूठआडम्बर, सबछोड़पीछे, जीवनपथपेअग्रसर,  लिएख़ुशियाँ  मेरेसंग. कही दूर से दिखे मुझे,Continue reading “जीवन का उद्देश्य”

ज़िंदगी

ना जाने क्यूँ अजीब सी है मेरी ज़िंदगी,तेरे पास होने का एहसास, पर तू दूर खडी,मैं तो हूँ यहाँ, पर मेरा मन बहुत दूर कहीं,तेरी याद में बस, अब जीता हूँ  मेरी ज़िंदगी. बहुत से रिश्ते दिए, पर प्यार मिली नहीं,ज़िंदगी इम्तिहान बनी, प्रश्न  एक एहसास,उत्तर खोजने को, निकला खुद को भूल,हंसते हुए तुम, टालContinue reading “ज़िंदगी”

नम आँखे, भरी दिल

जिनकी उँगली पकड़ जो चलना शिखा मैं,जिनसे थी मेरे बचपन की हँशी ख़ुशी की वेला, जिनकी स्नेह के सहारे, कटी बचपन की घड़ी,छोड़ चली मुझे अकेले, जीवन के इस पथ पे. तनहा चुप चाप बैठा मैं, जो तेरी याद के सहारे,अकेला इस दुःख के पल, जिए नम आँखे लिए. अब दिल में  कोई आश नहीं,Continue reading “नम आँखे, भरी दिल”

प्यार की हद्द

ख़ुशी देती है ये मंजिल , रास्ते जो दर्द भरे,उड़ने की चाहत संजोए, उड़ूँ गगन के पार, पतंग सा मनचला, लहराता पवन के संग ,पर क्या जानू, डोर बंधी क़िस्मत  के  संग, ये जो दो पल का प्यार दिया,  तुमने मुझे तभी,दिल में सम्भाल कर रखा, इज़्ज़त के सहित. तेरे प्यार भरी ये छाया, एहसासContinue reading “प्यार की हद्द”