अहसास

मैं और मेरी अहसास,
क्यों है मेरे लिए ख़ास,
रखा हक़ छुपा दिल में,
हैं ये मेरे अनमोल रतन,

कहीं मेरे इस अहसास को,
मेरी ही नज़र  लग जाए,
दिल बैठता हैं सोच ये,
कही खो ना दूँ मैं इसे,

कोई ले सकता हैं ये अहसास मेरा,
बसा कर अपने दिल मंदिर में,
थोड़ा तुम मुझे समझ थोड़ा मैं समझूँ,
मिलकर बाटेंगे हम अपनी हर ख़ुशी,

साथ देना आसान नहीं,
पर दूँगा मैं साथ तेरा,
बना कर रखूँगा तुझे,
अपने दिल की धड़कन.

कुणाल कुमार 

तुम हो मेरे दिल का फूल, मैं तेरे चरणों का धूल

तेरी याद में जल रहीं मेरी रूह,
मेरी आत्मा पुकारे तुझे हर घड़ी,
हो सके तो समझ लेना मुझे तुम,
इक और मिटा खुद को प्यार में,

हो सके तो मेरे बाद मुझको जलाकर तुम,
मेरे अस्थि को अपने आँगन का धूल बना लेना,
जाऊँगा संग संग तेरे जहां जाओगी तुम,
मैं बनकर तेरे चरणों का धूल,

खिल उठेगा आँगन तेरा,
खिल उठूँगा मैं बनकर फूल,
मेरी अस्थि के माटी पे खिलेगी,
मेरी आत्मा बनकर इक सुंदर सा फूल.

कुणाल कुमार 

Purity Impurities

Having purity in thought, does it have any meaning,
No one here understand you, and can see your inner purity,
I guess one has to somewhat, keep aside his purity, 
Just smile towards life, leaving all life impurities,

But can one change his nature,
With whom he has born to life,
As one day or the other day,
All life has to die leaving all,

I am so confused that I keep forgetting myself,
Find myself caught in right and wrong,
Who will guide me that I do not know,
May be one day someone will find my inner soul.

Kunal Kumar 

भूख लगी हैं

भूख लगी हैं ज़ोरों की,
मेरा पेट करे आवाज़,
भर पेट खाने का मन,
पर साथ ना कोई मेरे पास,

अकेला कुछ खाने की,
आदत नहीं थी मुझे कभी,
साथ निभाने वाले चले गए,
भूखा छोड़ कर मेरा मन,

मेरी भूख और बेचैनी,
अकेलेपन का सुना अहसास,
मेरी ख़ुशनुमा जीवन को,
अंधकार से भर दी,

कौन है ज़िम्मेदार यहाँ,
मेरे तन्हाई भरे इस पल का,
मेरी ये भूख और बेचैनी का दर्द
शायद हैं मेरी अपनी क्रोध.

कुणाल कुमार 

क्रोध

यों क्रोध  रहा है मुझे
क्यों नफ़रत सा हो गया जीने से,
मन उदास ना लगे कही
अकेला था तन से अकेला हो गया मन से,

सबने साथ छोड़ दिया
बन गए हो पराए,
देखो आशु भी मेरा साथ छोड़,
मेरे दर्द को किया पराया,

अकेला खड़ा सड़क पर,
दर्द के दरिया में डूब रहा ये दिल,
ना कोई पहले बचाया,
ना कोई अभी बचाएगा मुझे,

तनहा जीवन लगे पहाड़,
ना पार कर सकता इसे,
साथ निभाने वाले पीछे छूटे,
रह गया ये अकेला मन,

क्या गलती थी मेरी
जो कोई समझ ना पाया मुझे,
मेरे भावना का मज़ाक़ बना,
ना कोई अपनाया मुझे दिल से,

छोड़ो भी ये गम्भीर बातें,
ना समझ सकता कोई इसे,
डूब रहा मेरा दिल,
टूट कर बिखर सा गया,

मेरी क्रोध क्यों इतनी प्रबल,
क्यों ना रोक कभी पाया इसे,
सारे अपने छोड़ चले मुझे,
मेरे इस क्रोध के चलते,

शायद मेरे जीवन का अंत लिखा,
मेरे क्रोध के शब्द से,
भविष्य दिख रहा मुझे,
मेरा अंत हैं मेरे क्रोध में,

मेरे मित्रों आप समझ लो,
कभी क्रोध ना लाओ दिल में,
प्यार से संसार सुंदर,
क्रोध से बने जीवन उजाड़,

मेरा अब ना कोई अपना हैं,
जो मेरा बन साथ निभाए,
मेरे क्रोध को शांत करे,
मुझे अपनी उँगली पकड़ जीना सिखाए.

कुणाल कुमार 

बावरा मन

जब से देखा हूँ तुझेखुद को भूल गया,
तेरी याद पलकों पे बैठाजीना सिख गया,
धन्य है मेरे भाग्यजिसने तुझसे मुझे मिलाया,
मुझे मेरी इस ज़िंदगी जीने का मक़सद मिल गया,

खुद को आईने में देखूँ तो मुझे तू नज़र आए,
मुझ सा बदसूरत  भी अब खूबसूरत नज़र आए,
यू बावरा सा दिखने लगा जैसे कोई बिखरा इंसान,
अकेले तेरी याद में यू ही कभी हँसता तो कभी रो लेता हूँ,

अच्छा लगा तेरा ये तोहफ़ाजो बदल  दिया तुमने मुझे,
मेरे ज़िंदगी की उदासीनता में बड़े शालीनता से ख़ुशी भर दी,
मेरे मन की करवाहट में अपनी मधुरता घोल दी तुमने,
मेरे वीरान ज़िंदगी को ख़ुशहाली का मार्ग दिखा गयी तुमने,

धन्य हैं तेरे अपने जिन्हें मिले सदा तेरा साथ,
इक अनमोल हीरा मिला बस सम्भालना हैं उनका काम,
ख़ुश रहो तुम हमेशा रहे ख़ुश तेरे अपने,
अगर पलट कर देखने का हो मनपास पाओगी तुम मुझे.

कुणाल कुमार 

Promise Dear

Today I promise to be at self,
Leaving you to live without fear,

No more quarrel to be expected,
As my expectation ends without you,

I know you think I cannot fulfil what I said,
But time will let you know what I really mean,

I know it’s impossible to live without you,
But to make impossible to possible is what I do,

You were my passion and my desire to live,
All I laugh because you were  in my dream,

But all I can say that you do not worry my dear,
I will manage to live without any laugh and fear.

I wish for happiness and your dream,
You be happy and let success kisses your feet,

But when you reaches to the top and miss me,
Just look a step back and you will always find me.

Kunal Kumar

आशाएँ

आँशुओ को पोंछ कर मैं चुप चाप हूँ खड़ा,
सोच रहा क्या इतना निष्ठुर हैं ये दिल तेरा,

मेरा दिल धड़क रहा लिए नाम तेरा हर साँस,
तुमसे क्या उम्मीद रखूँ जो प्यार नही की तुम मुझसे,

पर देखो तुम व्यथा मेरी दिया आज तुम्हें मैंने वचन,
ख़ुश रहो तुम अपनों के संग ना बताऊँगा तुम्हें कभी अपना प्यार,

इस वचन को दे तुझे दिया साथ मैंने अपना प्राण,
याद रखोगी तुम सदा की मैंने तुझे दी ख़ुशी छिपा ग़म मेरे दिल,

अब देखते है कितना दिन धड़कता है ये दिल बिना अपने धड़कन,
जो होना हैं उसे अब ना बादल पाओगी कभी चाह कर तुम,

ख़त्म हो गयी मेरी सारी इक्षाए  तुझे पाने की हर उम्मीद,
जो तेरे अहम को पार ना पायाहार गयी मेरी सारी आशाएँ.

कुणाल कुमार 

अजीब सी उलझन हैं

जीवन मेरी इक अजीब सी उलझन हैं,
सोचता हूँ भूल जाऊँ वो पल जब क़रीब थी तुम,

पर क्या करूँ ये कमबख़्त  एहसास तेरी, 
याद बन कर बसी हैं बेचारे दिल में मेरे,

तरस आती हैं मुझे खुद पर अभी,
क्यों चाहा तुझे ये मेरा मजबूर दिल,

कैसी ये मजबूरी मेरी,
तुझे चाह कर भी समझा ना सकता कभी,

कितनी चाहत भरी दिल में,
सिर्फ़ हैं ये तेरे लिए,

मेरी सोच ने सोचा की हो जाऊँ दूर तुमसे,
तुमसे दूर रहना नहीं मंज़ूर इस दिल को,

चलो इक काम करता हूँ इस मजबूर दिल के लिए,
लिए याद तेरी दिल में जीने की कोशिश कर सकता,

थोड़ा कष्ट होगा जीने में मुझे,
अपनी तक़दीर समझ, जी लूँगा मेरी ज़िंदगी.

कुणाल कुमार 

खुद को भूला कर जीने की कोशिश

खुद को भूला कर जीने की कोशिश मैंने शुरू कर ली
खुद को भूलने का कष्ट सहने की ज़रूरत मैंने कर ली,
सच्चाई को झुठलाना क्या यही तक़दीर मेरी,
सच्चाई तो यही हैं नहीं पहचाना मेरे प्यार को तुमने कभी,

शायद ये तक़दीर मेरी कहती हैं रहो हँशी ख़ुशी,
मेरे प्यार की परिपूर्णता शायद लिखी भूलने में तुझे,
शायद दर्द होगा मुझे हर घड़ी,
पर हँशने से नहीं मिलेगी मेरे दिल को ख़ुशी,

मैं नहीं मज़बूत इतना दिल से,
टूट गया हैं ये मेरा बेचारा दिल,
चला था खोजने अपनी ख़ुशी,
भूल गया जीने का मतलब,

अब मैंने ये ठान ली दिल से,
अगर नहीं तेरी ख़ुशी मुझमें,
अकेला रह लूँगा मैं खुद में,
गला घोट कर अपनी ख़ुशी,

कुणाल कुमार