• दिल…

    24th Oct 2020 by

    दिल के अल्फ़ाज़, दिल में रह जाना बेहतर है, जब समझने वाले नासमझ बन बैठें, तो समझाने का क्यों हम मेहनत करें। शायद ही हैं कुछ नसीब वाले, जिन्हें मिलता समझदार साथी, बाक़ी सब तो बस जी रहे हैं, अपनी समझ को सच्चाई समझकर। ये तो फेर हैं समझ का, कहीं आशायें रखे दिल प्यार… Read more

  • किसान…

    19th Oct 2020 by

    बारिश के बदरी से पूछो, वर्षा क्यों नहीं वो करती हैं, बंजर सूखे खेत को देख, किसानों की नयन क्यों तरसती है। दो वक्त के खाने की जुगाड़ में, किसान की समय हमेशा कटती हैं, खुद का पेट भूखा रह जाए पर, पर मेहनत से किसान को नहीं परहेजी हैं। चाहे बाढ़ में बह जाए… Read more

  • नसीब अपना अपना…

    15th Oct 2020 by

    ज़िंदगी है एक सर्कस, यहाँ नसीब कर रहा हैं कसरत, कुछ कर्म से नसीब वाले हैं, और कुछ जन्मे हैं नसीब लेकर। कभी ऊपर कभी नीचे, ज़िंदगी में रहे उतार चढ़ाव, हौसले और कर्म का दामन पकड़, नसीब को बुलंदियों तक ले जाए इंसान। पर कौन समझाए सोच के परिपेक्ष को, करे वही जो सोचे… Read more

View all posts

Follow My Blog

Get new content delivered directly to your inbox.