समझ

कैसे समझ लेती हो मेरे दिल हर बात,क्या रिश्ता है मेरा तुम्हारे दिल के साथ,पर इक बात समझ नहीं आयी मुझे कभी,क्यों नहीं जान पाई तुम चाहत को मेरे, क्या इतना ही समझा तुमने मुझे,क्यों बौना कर दिया मेरे क़द को तुमने,तेरे इकरार को खुद में समेट लेता मैं,तुम नहीं चाहती तो इजहार नहीं करताContinue reading “समझ”

टूट रहा हूँ मैं

क्यों टूट रहा हूँ मैं क्यों टूट रहा हैं मेरा ये दिल,क्या चाहत में मेरी हैं कमी या तेरा साथ छूट रहा,समझाने की कोशिश कर रहा इस बेचारे दिल को,जीवन है क्षणिक ख़ुशी की उम्मीद ना रखो कभी दिल में, हर कोई खोजे यहाँ खुद की मंजिल,मैं भी जी रहा अपनी वीरान सी ज़िंदगी,ज़रा साContinue reading “टूट रहा हूँ मैं”

रिश्ते की उलझन

कुछ रिश्ते दर्द भरे होते हैं,जहाँ तन्हाई लिखी होती हैं,कुछ रिश्ते ख़ुशी के होते हैं,जहाँ प्यार बिछीं होती हैं, रिश्ते की इस उलझन में,क्यों ख़ुशी ढूँढ रहा मैं,दर्द भरी जीवन  में मेरे,क्यों ना करता खुद  से  प्यार, कुछ अनजान राही बन जाते,जीवन के इस सफ़र में,अपना बना यूँ छोड़ जाते, तन्हाई के दर्द को सहने, शायदContinue reading “रिश्ते की उलझन”

खिलौना टूटा साथ छूटा

इक आधा खिलौना टूटे,तो क्यों रुककर शोक मनाए हम,बस बढ़ चले हम अपने धुन में,सुख दुःख को हृदय से लगाकर हम, खिलौना छूटा साथ छूटी हो गए हम समझदार,अब नहीं रोएँगे दिल से टूटे हम खिलौने के लिए,क्या खिलौने को दिल होता हैं,जो समझ सके मेरे दिल का दर्द, छोड़ो बेकार की बातें जीवन ना करे हम व्यर्थ,क्यों तोड़े दिल अपना टूटे खिलौने के लिए हम,बन समझदार आगे बढ़ चले हम,खिलौना में नहीं भावना हम व्यर्थ क्यों रोए, पर क्या जीवन की सच्चाई समझ सकता मेरा दिल,टूट गया ये दिल बनकर टुकड़े हज़ार,तेरे यूँ चले जाने से हैं बेक़रार मेरा दिल,पर क्या करूँ किस हक्क से मैं रोक लूँ तुझे, तुझे चाहने का हक्क नहीं दिया तुमने मुझे,ना पुकार सकता तुझे तेरे चले जाने के बाद,बस इक बार मुड़ का तू ज़रा सा देख मुझे,बिलखता बालक सा सहमा मैं लिया टूटा दिल अपना. कुणाल कुमार 

जीवन का सत्य

कौन सच है कौन कहे यहाँ  झूठ,क्यों मतलबी हैं सारी दुनिया सोचे अपना सुख,समझ की हैं कमी या ख़ुदगर्ज़ी हैं भरी,ये झूठी दुनिया ही  हैं जीवन का सत्य, उलझन में यहाँ फँसे हैं यहाँ सारे,लिए मन में दूसरों के लिए खोट,सच्चा दिल क्यों उदास खुद से,क्यों खोजे वो जीवन का सत्य, जाने क्यों इंसान नफ़रतContinue reading “जीवन का सत्य”