मजबूरी

मेरी ये मजबूरी, मेरे जीने की चाह अधूरी,तेरी ये ख़ामोशी, मैं खोया हुआ हर पल, जीने की डगर पे, मेरी चाह हुई ना पूरी,कैसी ये मजबूरी,  ये दिलो की दूरी. जीवन बना माया, जब तेरी ख़्वाब आया,जीने की फ़लसफ़ा, हर पल मुझे सिखाया,तू साथ हो ना जब मेरे, मेरे जीवन में हो अंधेरे,तेरे  साथ होने से,Continue reading “मजबूरी”

मुद्दा

मुद्दा ये नहीं, ये मेरे देश की कमजोरी  है,भूक से तंग,  मेरे  ये जीने की मजबूरी है, शिक्षण की कमी,  हर ख़्वाब अधूरी है,जीवन में अंधकार, पर धर्म कर्म ज़रूरी है. आपस में नफ़रत फैलते, क्या राजनीति ज़रूरी है,हमें इस आडम्बर में, अब जीना क्या ज़रूरी है,   छोड़ो ये भेद भाव,  डगर है कठिन,देशContinue reading “मुद्दा”

चाहत

जीने की चाहत लिए, तेरी मिलन कि आस लिए,जी रहा हूँ मैं हर पल, बस तेरी इंतज़ार में,ज़िंदगी कुछ रंग दिखा, मुझे उसके संग मिला,मेरी चाहत की मंजिल, बस मुझे अब उससे मिला, कही मिलन में देर ना हो, अरमान सारे ढेर ना हो,जीने की चाह मेरी,  अनजाने में ये अधेड़  ना हो,बिखर सा रहContinue reading “चाहत”

समय

समय मेरा दोस्त, सदा साथ निभाए, हर घड़ी मुझे,  अपनेपन का अहसास दिलायें,बचपन की ख़ुशी, जवानीकाअहसाश, समय हो जो साथ, जीवन में भरे हर्षों उल्लहास, समय ने जो छोड़ा, सभी छोड़ गए,जीवन इस मोड़ पे, अपना मुंह मोड़ गए,अपनापन तो दूर, आत्मीयता भी छोड़ गए,जीने को मजबूर, मेरे सारे अरमान तोड़ गए. कुणाल कुमार 

अकेला

अपने पथ पे अग्रसर, जीवन जी रहा अकेला,ख़ुशियाँ जो बाँट सभी से,  ये ग़म सभी है मेरा,तुम्हारी याद संग, जीवन  का ग़म संजोए,जीने को मजबूर, दिल ये मेरा रोए. फिर भी ये दिल मेरा, चाहे हर पल तुझे,तेरी याद में, दिल अंधकार में उलझ,उदासी के बादल जो उमरे, घनघोर घटा सा,अश्रु बन वर्षा, इन नयनोंContinue reading “अकेला”

सत्ता

सत्ता के लोभ में, भूले कर्तव्य सारी,सभी यहाँ व्यस्त, करने को वारे न्यारे,जनता की सेवा दूर, देखी सत्ता की मेवा,भूल गए ये सिर्श मंत्र, लोभी पालक सारे,पर जनता नहीं भूलती, ये हरकतें सारी,देखो जमा यहाँ, ये ………. सारे. रिक्त स्थान को आप खुद भर ले. कुणाल कुमार 

यादें

मूर्ख बन जी रहा था, तेरी याद में सोचा कभी तो क़िस्मत, देगी साथ मेरे ।पर किधर मालूम, ऊँची कितनी दिवार दिवार तेरे अहम का, पार ना कर पाया मैं।। एक दिन ऐसा आएगा, जब  ढूँढोगे मुझे लोक लज्जा अहम त्याग, प्यार करोगी मुझे ।साथ सदा पाओगी, बस मुड़ कर देख मुझेखड़ा अकेला उत्शुक, तेरी याद मन लिए।।कुणालContinue reading “यादें”

हँसी

मेरी ये हँसी,  अप्रतिम,  अनोखा, अलबेला,साथ निभाए जीवन संग, हो अपनी ही बेला, रहे संग जो मेरे, कभी ना छोड़े मुझे अकेला ,हँसी से मेरी दोस्ती, प्रगाढ़ मधुर अमी अनूठा. अन्दाज़ मेरा निराला, हँसता  रहा जी भर ,सभी को दिया , ये ख़ुशियाँ  से भरी पल, दुख दर्द सब भूल, हँसने की संज्ञा लागी, दूर मेरे से हँसी,Continue reading “हँसी”

जीवन का उद्देश्य

रात्रि का ये अंधेरा, काली स्याह समान,मेरे मौन जीवन ,  खोजे सूर्य यामनी प्रहर, मेरे साँस की ये गंगा, बहे अनवरत हर पल,डूबे हुए मेरे जीवन, जो खोजे नई सवेरा. बढ़ता रहा जो पथ पे, सच के दीप संग,संघर्ष भरा जीवन, लिए अभिलाषा जीने की,लोक लाज का झूठआडम्बर, सबछोड़पीछे, जीवनपथपेअग्रसर,  लिएख़ुशियाँ  मेरेसंग. कही दूर से दिखे मुझे,Continue reading “जीवन का उद्देश्य”

ज़िंदगी

ना जाने क्यूँ अजीब सी है मेरी ज़िंदगी,तेरे पास होने का एहसास, पर तू दूर खडी,मैं तो हूँ यहाँ, पर मेरा मन बहुत दूर कहीं,तेरी याद में बस, अब जीता हूँ  मेरी ज़िंदगी. बहुत से रिश्ते दिए, पर प्यार मिली नहीं,ज़िंदगी इम्तिहान बनी, प्रश्न  एक एहसास,उत्तर खोजने को, निकला खुद को भूल,हंसते हुए तुम, टालContinue reading “ज़िंदगी”

नम आँखे, भरी दिल

जिनकी उँगली पकड़ जो चलना शिखा मैं,जिनसे थी मेरे बचपन की हँशी ख़ुशी की वेला, जिनकी स्नेह के सहारे, कटी बचपन की घड़ी,छोड़ चली मुझे अकेले, जीवन के इस पथ पे. तनहा चुप चाप बैठा मैं, जो तेरी याद के सहारे,अकेला इस दुःख के पल, जिए नम आँखे लिए. अब दिल में  कोई आश नहीं,Continue reading “नम आँखे, भरी दिल”

प्यार की हद्द

ख़ुशी देती है ये मंजिल , रास्ते जो दर्द भरे,उड़ने की चाहत संजोए, उड़ूँ गगन के पार, पतंग सा मनचला, लहराता पवन के संग ,पर क्या जानू, डोर बंधी क़िस्मत  के  संग, ये जो दो पल का प्यार दिया,  तुमने मुझे तभी,दिल में सम्भाल कर रखा, इज़्ज़त के सहित. तेरे प्यार भरी ये छाया, एहसासContinue reading “प्यार की हद्द”